खुर्जा में पति की हत्या की दोषी रजनी को हुआ आजीवन कारावास

खुर्जा। सत्र न्यायालय में सोमवार को साढ़े पांच साल पहले गला दबाकर पति की हत्या करने वाली पत्नी को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश खुर्जा दिलीप कुमार सचान ने सजा का आदेश जारी किया। दोषी पत्नी को बुलंदशहर जेल में भेजा गया।
अरनिया थाना क्षेत्र के गांव क्योली खुर्द निवासी धीरेंद्र सिंह ने छह जून 2019 को अरनिया थाना में भाई शैलेंद्र सिंह (40) की हत्या की तहरीर दी थी। इसमें धीरेंद्र का कहना था कि उसके भाई शैलेंद्र और भाभी रजनी का अक्सर झगड़ा रहता था। शादी के बाद से रजनी पांच-छह बाहर झगड़ा कर बिना बताए घर से भाग चुकी थी। करीब एक साल पहले ही घर में रहने आई थी। पांच जून 2019 की शाम आठ बजे पीड़ित का भाई शैलेंद्र किसी समारोह में से मामूली शराब पीकर घर आया था।
घर पर उनकी माता ओमवती और रजनी थे। शैलेंद्र ने अपनी पत्नी से खाना मांगा, लेकिन खाना मांगते ही रजनी ने गाली-गलौज की और झगड़ा करने लगी। इस पर शैलेंद्र चुपचाप गाली सुनकर छत पर सोने के लिए चला गया। गांव ही उसी दिन एक ग्रामीण के यहां देवी का जागरण था।
रजनी ने योजनाबद्ध तरीके से सास और बच्चों को देवी जागरण में भेज दिया। जागरण में जाते समय मां ने झगड़े की जानकारी पीड़ित धीरेंद्र और तीसरे भाई रणधीर को दी। वह दोनों घर पहुंचे तो वहां रजनी और शैलेंद्र में झगड़ा हो रहा था। जब उन्होंने आवाज देकर छत पर जाने की कोशिश की तो रजनी ने उनको वहां से भगा दिया। तभी रजनी ने शैलेंद्र की गला दबाकर हत्या कर दी। साथ ही अगले दिन छह जून 2019 को रजनी ने कहा कि शैलेंद्र सोकर नहीं उठा है। पीड़ित जब शैलेंद्र के पास गया तो उसके गले पर निशान थे। वह उसको अस्पताल लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने शैलेंद्र को मृत घोषित कर दिया। पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी, जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। साथ ही आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
मामले में आठ गवाहों और 12 साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश दिलीप कुमार सचान ने अभियुक्ता रजनी को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।



