दहेज़ के लालच में पत्नी की हत्या के आरोप में पति को नौ वर्ष का कारावास

बुलंदशहर। सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2018 में दहेज की मांग पूरी न होने व बच्चे न होने पर विवाहिता की हत्या के मामले में न्यायालय एडीजे, एफटीसी तृतीय शिवानंद के न्यायालय ने अभियुक्त पति को दोषी करार दिया है। साथ ही उसे नौ वर्ष का कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड भी सुनाया है।
वादी मुकदमा मिथलेश देवी निवासी गांव अगराई थाना खुर्जा देहात ने 28 मई 2018 को थाना सिकंदराबाद पर तहरीर दी। इसमें उन्होंने बताया था कि उन्होंने अपनी पुत्री पिंकी की शादी करीब चार वर्ष पूर्व कोतवाली देहात के गांव सहकारी नगर निवासी युवक पुष्पेंद्र के साथ की थी। शादी के बाद से आरोपी पति व अन्य ससुराल वाले दहेज से खुश नहीं थे।
शादी के दो साल बाद भी उनकी पुत्री के बच्चे न होने पर आरोपी ससुराल वालों ने उसका उत्पीड़न करना शुरू कर दिया था। पीड़िता की पुत्री, दामाद व जेठ-जेठानी सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र में एक भट्टे पर नौकरी करते थे। गत 27 मई को भी आरोपी दामाद व अन्य आरोपियों ने उनकी पुत्री के साथ मारपीट की थी।
साथ ही उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया था। आरोपियों का कहना था कि अपनी मां से 50 हजार रुपये लेकर आएगी तो तुझे रखेंगे, अन्यथा तूझे नहीं रखेंगे। इसके बाद पीड़िता अपनी पुत्री को लेकर 28 मई को भट्टे पर पहुंची और दामाद व अन्य को समझाने का प्रयास किया।
उस समय तो वह मान गए, सभी खाना खाकर वहीं सो गए। कुछ देर बाद पीड़िता की आंख खुली तो वहां, उसकी पुत्री व दामाद मौजूद नहीं थे। कुछ देर बाद दामाद अकेला वहां पहुंचा। पीड़िता ने दामाद से पुत्री के बारे में पूछा तो उसने कोई जानकारी नहीं दी। कुछ देर बाद तलाश करने पर उनकी पुत्री का शव पास के एक खेत में पड़ा मिला।
पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर अभियुक्त पुष्पेंद्र को दोषी करार दिया है। साथ ही उसे नौ वर्ष का कारावास व पांच हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।




