THDC ने देश के पहले 1000 मेगावाट वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट की पहली यूनिट का सिंक्रोनाइजेशन किया
देश की पहली पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) सफल हो गई है। टीएचडीसी इंडिया की 1000 मेगावाट पीएसपी में से पहली 250 मेगावाट की एक यूनिट राष्ट्रीय ग्रिड से जुड़ गई है। टीएचडीसी की टिहरी बांध परियोजना 2400 मेगावाट की है।
इसमें से 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन चल रहा है। पिछले लंबे समय से टीएचडीसी 1000 मेगावाट की पीएसपी परियोजना बनाने में जुटा हुआ है। इससे राज्य को पांचवां हिस्सा यानी 50 मेगावाट बिजली मिलेगी। पूरे 1000 मेगावाट में से राज्य को 200 मेगावाट बिजली मिलनी है।
परियोजना की दूसरी यूनिट अगले साल जनवरी तक पूरी हो जाएगी। 2025 के अंत तक पूरी परियोजना चलाने का लक्ष्य रखा गया है। टीएचडीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई और अधिशासी निदेशक एलपी जोशी के नेतृत्व में मंगलवार शाम को टीएचडीसी, जीई के इंजीनियरों ने पीएसपी परियोजना की 250 मेगावाट की पहली यूनिट को राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़कर ये उपलब्धि हासिल की।
बताया, यह देश की पहली परियोजना है, जो पानी को रिसाइकल कर 1000 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगी। एशिया में कुछ माह पूर्व ही चीन ने इस तरह की परियोजना बनाई है। केंद्रीय ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल, एनटीपीसी के सीएमडी गुरमीत सिंह ने इस उपलब्धि पर टीएचडीसी को शुभकामनाएं दी हैं।
इस मौके पर सीजीएम आरआर सेमवाल, जीएम डॉ. एएन त्रिपाठी, इंजीनियर्स महासंघ के अध्यक्ष टीएस नेगी, प्रबंधक मनवीर नेगी, दीपक सेमवाल, आरडी मंमगाई मौजूद रहे।