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हिंदू रीति रिवाज से हुई शादी; पंजाबी गीतों पर खूब नाचे जर्मन बराती

कुरुक्षेत्र। प्रेम उम्मीदों का दीया है इसमें कोई हसरतें नहीं होती, प्रेम में होती है फिक्र सरहदें नहीं होती…। यह पंक्तियां जर्मनी निवासी क्रिस और भारतीय श्रेया पर एकदम सटीक बैठती हैं। जर्मनी निवासी क्रिस भारतीय श्रेया से ब्याह करने के लिए बरात लेकर धर्मनगरी पहुंचे।
क्रिस की बरात बिल्कुल अनोखी थी, जिसमें जर्मनी से 15 स्वजन शामिल हुए। इतना ही नहीं, दोनों ने हिंदू रीति रिवाज से शादी की। मूल रूप से कुरुक्षेत्र निवासी श्रेया उच्च शिक्षा के लिए जर्मनी गई थीं।
जहां उनकी मुलाकात क्रिस से हुई। दोनों के बीच प्रेम का ऐसा पक्का धागा जुड़ गया कि दोनों ने एक सूत्र में बंधने का फैसला कर लिया। श्रेया के स्वजन चाहते थे कि दोनों की शादी हिंदू रीति रिवाज से हो।

जर्मनी के लोगों को भारतीय संस्कृति बहुत पसंद

जर्मनी का क्रिस और उसके स्वजन भी मान गए। क्रिस दस दिन पहले ही स्वजनों के साथ धर्मनगरी पहुंच गए और दो दिन पहले उनके मित्र भी शादी में शामिल होने के लिए पहुंच गए।

क्रिस ने बताया कि उनकी मां रीटा, भाई डेविड, बहन क्लाउडिया और दूसरी बहन जारा, जीजा एंड्रियास, दोस्त पिया, अनिका समेत 15 स्वजन बरात लेकर कुरुक्षेत्र आए हैं। उन्हें भारतीय संस्कृति बहुत पसंद है।

हिंदी-पंजाबी सीखने का कर रहे प्रयास

इसके चलते वह पिछले वर्ष भी श्रेया के परिवार से मिलने और यहां की संस्कृति को करीब से देखने के लिए भारत आए थे। हालांकि दोनों देशों की संस्कृति, रहन-सहन और खान-पान में बहुत अंतर है, लेकिन यहां आकर उन्हें बहुत ही अच्छा महसूस हुआ। वह हिंदी और पंजाबी भाषा सीखने का भी प्रयास कर रहे हैं।

खूब नाचे जर्मनी से आए बाराती

जर्मनी से बरात में आए सभी मेहमानों को हिंदी व पंजाबी गीतों ने नाचने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने इन गीतों पर खूब मस्ती की। जर्मनी के क्रिस ने भारतीय श्रेया के लिए पंजाबी गीत एक चरखा गली दे विच ढा लेया, पर प्रस्तुति भी दी, जिसे भारतीय लोगों ने खूब सराहा। उन्होंने एक के बाद एक दो तीन पंजाबी गानों पर डांस करके दिखाया।

अपनी संस्कृति नहीं भूली बेटी

दादा रामनाथ शर्मा व दादी संतोष ने कहा कि उन्हें इस बात की बेहद खुशी है कि उनकी पौत्री विदेश जाकर भी अपनी संस्कृति को नहीं भूली और अपने रीति रिवाजों से ही शादी की। पिता बिमल शर्मा व माता अनीता शर्मा ने कहा कि जर्मनी से आई बरात की मेहमानवाजी करना उनके लिए यह एक अनूठा अनुभव रहा।

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